तेरी अदओ से हटके कà¥à¤› देखा है
तेरी मदहोशी को पी के देखा है
मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾ न यूहन तू खड़ी खड़ी
ठज़िंदगी! तेरे हर सितम मे जी के देखा है!लगता है जैसे साà¤à¤¸à¥‡ थम सी रही है
आà¤à¤–ों मॅ नींद है à¤à¤¨ दिल मॅ करार
मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾ रही है तू खड़ी खड़ी
ठज़िंदगी! तà¥à¤à¥‡ मार के à¤à¥€ जिया है!
तनà¥à¤¹à¤¾à¤ˆ से मेल हो रहा है
खà¥à¤¦ ही खà¥à¤¦ से बोल रहा है
मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹ है तू खड़ी खड़ी
ठज़िंदगी! तेरा हर विष पिया है!
मà¥à¤à¥‡ ले चल अपने संग कही
तेरे बिन हर पलसà¥à¤¨à¤¾ लगता है
हà¤à¤¸à¤¤à¥€ है अब तू खड़ी खड़ी
ठज़िंदगी! तेरा मेरा कà¥à¤› तो रिशà¥à¤¤à¤¾ है!!
Category: General Shayari
Posted On: 02-Jul-2010